अमेरिका की क्रांति एवं इसका महत्व (The American RevolutionIts Significance)

अमेरिका की क्रांति एवं इसका महत्व (The American RevolutionIts Significance)

संयुक्त राज्य अमेरिका आज विश्व का सर्वाधिक शक्तिशाली और सम्पन्न राष्ट्र है। यह उत्तरी महाद्वीप के मध्य भाग में स्थित है। क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व के सर्वाधिक बडे राज्यों में है। जिस समय इसकी स्थापना हुई थी उस समय इसका क्षेत्रफल 3.15.065 वर्गमील था और इसमें 13 राज्य थे । आज इसमें 50 राज्य हैं और इसका क्षेत्रफल 36,15522 वर्गमील है। पर आज का यह प्रमुत्वशाली देश कमी परतन्त्र था. यह तय किसी से छिपा नहीं है। इस प्रभुत्वशाली देश के स्वतन्त्रता समान का इतिहास इंग्लैण्ड के आधिपत्य से मुक्ति का संघर्षपूर्ण इतिहास है। परन्तु यह अविस्मरणीय संघर्ष इतिहास के अन्य जुझारू संघर्षों से भिन्न है। यह संघर्ष न तो घोर गरीबी के कारण उत्पज असन्तोष का परिणाम था और न सामन्ती व्यवस्था के बर्बर अत्याचारों के विरुद्ध एकजुट होने का परिणाम । वस्तुतः यह शानदार संघर्ष, अमेरिकी उपनिवेशों द्वारा इंग्लैण्ड की इच्छा के विरुद्ध स्वतन्त्रता कायम करने के लिए तथा इंग्लैण्ड द्वारा अपनाई गई कठोर औपनिवेशिक नीति के विरुद्ध था। इस दृष्टि से विश्व इतिहास मैं अमेरिका की क्रांति एक विशिष्ट घटना है।

अमेरिका की क्रांति

अठारहवीं शताब्दी के उत्तराई में अमेरिकन बस्तियों एवं ग्रेट ब्रिटेन में एक नये इष्टकोण के विकास ने अमेरिका को क्राति को अवक्षिप्त होने का अवसर प्रदान किया। एक ओर अमेरिकन लोग रिटेन के प्रमत्व के अन्तर्गत अपनी अधीनस्थ स्थिति को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे. दूसरी ओर ब्रिटिश सरकार ने 1763 के पश्चात् ऐसी नीतियों का अभिकल्पना कर उनका अनुसरण किया जिनसे अमेरिकन उपनिवेशों पर पूर्व की पला अधिक मजबूत शिकंजा स्थापित हो सके । फलतः साम्राज्यवादी ब्रिटेन एवं उपनिवेशी अमेरिकन राज्यों में संघर्ष अवश्ययावी हो गया।

अमेरिका के पूर्वी तट पर यूरोपीय तिशत अंग्रेज तथा 10 प्रतिशत सत्रहवीं शताब्दी के प्रारम्भ में वर्तमान संयुक्त राज्य अमेरिका के पी बस्तियाँ निर्मित होने लगी थीं, जिनमें रहने वाले 90 प्रतिशत अंग्रेज तथा डच, जर्मन, फ्रांसीसी और पुर्तगाली थे। सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्धमतेजी बसाई जाने लगीं। 1775 ई. तक अमेरिका में 13 उपनिवेश बसाये जा चके कुल जनसंख्या 50 लाख से अधिक थी।

अमेरिकी उपनिवेशों में इंग्लैण्ड या यूरोप के सामान्य नागरिकों के लिए 5.000 मी. चौड़े प्रशान्त महासागर को पार करना काफी कठिन कार्य था । लकड़ी के जहाजों में 2-3 महीने की इस यात्रा में अपर्याप्त भोजन, बीमारी और तूफान से बचकर कुछ ही लोग अमेरिका पहुँचते थे और वहाँ पहुँच कर भी वहाँ के मूल निवासी रेड इण्डियनों तथा प्रकृति के कोप का उन्हें सामना करना पड़ता था, जिसमें दोनों पक्षों के व्यक्ति मारे जाते थे। इन संघर्षों के अतिरिक्त, वहाँ की भूमि भी घने जंगल और लम्बी घास से पटी हुई थी। इस भूमि को खेती के लिए तैयार करना आसान कार्य नहीं था । प्रश्न उठता है कि फिर यूरोपीय यहाँ आकर क्यों बसे ?

यूरोपीय यहाँ आकर क्यों बसे ?

(i) यूरोप में निरन्तर होने वाले जन-संहारक युद्धों से मुक्ति की आशा ने प्रव्रजन के लिए प्रेरित किया।
(i) निर्धन लोगों को दास बनाकर युद्धों में झोंकने के लिए अमीरों एवं सत्ताधारिया के हार्थों बेच दिया जाता था। इससे बचने के लिए उन्होंने अमेरिकन उपनिवेशो म बसमा उपयुक्त समझा।
(ii) अधिकांश यूरोपीय उत्प्रवासियों (देश छोड़कर उपनिवेशों में बसने वाला ने अपना घर इसलिए छोड़ा था कि उन्हें वहाँ अधिक आर्थिक लाभ के अवसर इस प्रेरणा को बहुधा धार्मिक स्वतन्त्रता की लालसा अथवा राजनीतिक उत्पा कर भागने के दृढ़ संकल्प ने और भी बल दिया।

धार्मिक तथा साम्प्रदायिक अत्याचार एवं उत्पीड़न से मुक्त

(iv) धार्मिक तथा साम्प्रदायिक अत्याचार एवं उत्पीड़न से मुक्त होकर त्याचार एवं उत्पीड़न से मुक्त होकर स्वतन्त्र रूप से वे ईश्वर की आराधना कर सकेंगे, जहाँ न तो चर्च का दबाव होगा और न ही सरक कर्मचारियों का । सोलहवीं एवं सत्रहवीं शताब्दियों की धार्मिक उथल-पुथल उपनिवेश की स्थापना करने वाले प्युरिटन अंग्रेज ही थे जो अपनी धार्मिक स्वतन्त्र लिए जेम्स प्रथम के समय में इंग्लैण्ड से अमेरिका आकर बसे थे। क्वेकर अनुयायी विलियम पेन तथा उसके साथी क्वेकरों ने धार्मिक दृष्टि से हा की स्थापना की। उपनिवेश के विभिन्न धर्मावलम्बियों में धार्मिक मतभेद हा मौलिक एकता थी और वह थी मातृभूमि में प्रचलित व्यवस्था के प्रति हैम्पशायर से जार्जिया तक जितनी भी बस्तियों स्थापित हुई, उनकी पृष्ठ असंतोष का कुछ न कुछ अंश अवश्य था।

स्वदेश छोड़कर अमेरिका में बसने का एक अन्य कारण राजना प्रथम के शासन काल में स्टुअर्ट वंश समर्थक गह-युद्ध में पराजित होकर का दबाव होगा और न ही सरकारी धार्मिक उथल-पुथल ने भी बहुत । मेसाचूसेट्स के समीप प्लीमथ अपनी धार्मिक स्वतन्त्रता के स थे। क्वेकर सम्प्रदाय के दष्टि से ही पेनसिलवेनिया मिक मतभेद होते हुए भी एक पस्था के प्रति असंतोष । न्यू पित हुई. उनकी पृष्ठभूमि में धार्मिक ण राजनीतिक था। चार्ल्स राजित होकर अमेरिका चले जर्मन राजाओं को निरंकुशता ने  बहुत से जर्मनों को उपनिवेशों में बसने को प्रेरित किया। उपनिदेशों को भौगोलिक स्थिति अमेरिकी उपनिवेशों को भौगोलिक दृष्टि से तीन भागों में बाँटा जा सकता हैं-उत्तरी, मध्य और दक्षिणी।

उत्तरी उपनिवेशों

उत्तरी उपनिवेशों में जैसे मेसाचूसेट्स, न्यू हैम्पशायर, रोड टापू आदि थे। ये उपनिवेश पहाड़ी और बजैले प्रदेश होने के कारण खेती के उपयुक्त नहीं थे। यहाँ से इंग्लैण्ड को मुख्यतः लकड़ी, मछली और वन सम्पत्ति प्राप्त होती थी। स्वतन्त्रता के पूर्व स्वयं इंग्लैण्ड के अधिकांश जहाज यहीं निर्मित होते थे।

(M) मध्य उपनिवेशों में न्यूयार्क, न्यूजर्सी और मेरीलैण्ड आदि थे। यहाँ के उद्योग जिनमें शराब और चीनी उद्योग प्रमुख थे, प्रगतिशील अवस्था में थे।
(ii) दक्षिणी उपनिवेशों में उत्तरी केरोलिना, दक्षिणी केरोलिना, वर्जीनिया आदि थे। यहाँ की जलवायु गर्म होने के कारण ये प्रदेश खेती के लिए उपयुक्त थे। यहां प्रमुखतः अनाज, गन्ना, तम्बाकू तथा कपास का उत्पादन होता था। उपनिवेशों की संस्कृति अमेरिका के उपनिवेशों में एक मिश्रित संस्कृति का जन्म हुआ, इसके कारण थे

(| यहाँ आकर बसने वाले लोग यूरोप के विभिन्न प्रदेशों से आये थे जो विभिन्न सम्प्रदायों यथा एंग्लिकन, प्यूरिटन, क्वेकर, लूथरवाद, प्रेसबीटेरियन आदि को मानने वाले थे।
(ii) इनके भिन्न-भिन्न शासन संगठन एवं कानून थे। (iii) जीवन यापन के साधन अलग-अलग थे।
अतः यहाँ एक ऐसी संस्कृति का जन्म हुआ जिसमें अनेक तत्वों का मूल विद्यमान था। विभिन्न धर्मों, विश्वासों और भिन्न प्रकार के कार्यों को करने पर भी यहाँ के लोगों के सामने एक जैसी समस्याएँ थीं, जिनके लिए उन्हें मिलकर संघर्ष करना था। इस तरह अस्तित्व की भावना ने शनैः शनैः उनके बीच की खाई को समाप्त कर दिया जिससे इस परता पर एक ऐसी संस्कृति उदित हुई जो यूरोप से मिलती-जुलती होने पर भी अपने में विशिष्ट थी।

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